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कब लगाà¤à¤‚ अपने छोटे बचà¥à¤šà¥‡ को साबà¥à¤¨ और शैंपू?
कà¥à¤¯à¤¾ आप समठनहीं पा रहे हैं कि शिशॠके बाल कितने बार शैंपू करेंगे?
पहली बार जो माठबनती हैं उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अकà¥à¤¸à¤° ये समठमें नहीं आता है कि शिशॠको साबà¥à¤¨ और शैंपू का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कब और कितने बार करना चाहिà¤? वैसे तो शिशॠके साबà¥à¤¨ और शैंपू उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ शरीर संवेदनशीलता को ही धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखकर बनाई जाती है, लेकिन फिर à¤à¥€ इनका इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करने से पहले कà¥à¤› बातों का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना ज़रूरी होता है। डॉ. सोनिया शरà¥à¤®à¤¾, कंसलà¥à¤Ÿà¥‡à¤‚ट पेडà¥à¤¯à¤¾à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤• नेफà¥à¤°à¥‹à¤²à¥‰à¤œà¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ, पीà¤à¤¸à¤†à¤°à¤†à¤ˆ हॉसà¥à¤ªà¤¿à¤Ÿà¤², नà¥à¤¯à¥‚ दिलà¥à¤²à¥€ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° à¤à¤¸à¥‡ पà¥à¤°à¥‰à¤¡à¤•à¥à¤Ÿà¥à¤¸ के इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करने की कोई उमà¥à¤° की सीमा नहीं होती है। इस बात का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि जब तक नवजात शिशॠका गरà¥à¤à¤¨à¤¾à¤² सà¥à¤Ÿà¤‚प (umbilical cord stump ) गिर या निकल न जायें तब तक à¤à¥‚ल कर à¤à¥€ साबà¥à¤¨ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² न करें।
जैसे ही आपके नवजात शिशॠकी गरà¥à¤à¤¨à¤¾à¤² सà¥à¤Ÿà¤‚प ठीक हो जायें तो शिशॠको हफ़à¥à¤¤à¥‡ में दो-तीन बार नहायें। à¤à¤• साल के उमà¥à¤° तक शिशॠको बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठजो साबà¥à¤¨ और शैंपू बाजार में मिलते हैं उनका इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें। लेकिन इन चीजों के खरीदने से पहले पà¥à¤°à¥‰à¤¡à¤•à¥à¤Ÿ के सामगà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के सूचनाओं को à¤à¤• बार ज़रूर पढ़ लें। हां, जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ महक और रंगीन साबà¥à¤¨ और शैंपू को न खरीदें।
शिशॠके लिठसाबà¥à¤¨ और शैंपू का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करने के टिपà¥à¤¸
• अगर आपको किसी साबà¥à¤¨ को लेकर इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करने के पहले संदेह है तो इसको शरीर के किसी छोटे से जगह पर लगाकर दो घंटे के लिठछोड़ दें अगर लाल रंग के रैशेज़ या इरीटैशन नहीं हो रहा है तो ये साबà¥à¤¨ शिशॠके लिठसही है।
• छह महीने के शिशॠको साबà¥à¤¨ सीधे उसके तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर न लगायें उसका à¤à¤¾à¤— बनाकर उसको नरम कपड़े या सà¥à¤ªà¥‰à¤¨à¥à¤œ में लगाकर फिर इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें।
• बिना महक वाला साबà¥à¤¨ का ही इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें। जितना साबà¥à¤¨ में केमिकल कम होगा उतना ही साबà¥à¤¨ अचà¥à¤›à¤¾ होगा।
• साबà¥à¤¨ और शैंपू शिशॠके सà¥à¤•िन पर दो से चार मिनट से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ नहीं लगा होना चाहिà¤à¥¤
• साबà¥à¤¨ लगाते हà¥à¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ रगड़े नहीं। साबà¥à¤¨ लगाकर धीरे-धीरे मसाज़ करके धो डालें।
• तीन साल के बाद ही बबà¥à¤² बाथ करवायें, नहीं तो इससे यूरीनरी टà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿ इंफेकà¥à¤¶à¤¨ होने का खतरा होता है।
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